रुद्रपुर में कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान अब खुलेआम सामने आने लगी है। पार्टी के दो गुटों के बीच चल रही बयानबाज़ी ने संगठन में गहरा असर डाला है। वहीं विपक्ष ने इस स्थिति पर तंज कसते हुए कहा कि “कांग्रेस खुद ही अपने ख़िलाफ़ काम कर रही है, अब हमें मेहनत करने की ज़रूरत ही नहीं।”
जिला अध्यक्ष और नगर अध्यक्ष पद को लेकर चल रही रस्साकशी पिछले कुछ महीनों से पार्टी में चर्चा का विषय बनी हुई थी। हाल ही में जिला और नगर अध्यक्ष के नामों की घोषणा के बाद मामला और गरमा गया। इसी के विरोध में नगर निगम कांग्रेस के 11 पार्षदों ने एक साथ इस्तीफा दे दिया, जिससे पार्टी में हड़कंप मच गया।
कांग्रेस के कुछ स्थानीय नेता अब खुलकर एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाने में जुटे हैं, जिससे कार्यकर्ताओं में भ्रम और असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि रुद्रपुर कांग्रेस की यह गुटबाजी आगामी चुनावों में पार्टी के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है। वहीं विपक्षी दलों ने इस पर व्यंग्य करते हुए कहा है कि “कांग्रेस को हराने के लिए अब हमें कुछ करने की ज़रूरत नहीं, वे खुद ही अपने मिशन पर हैं।”




