जिस घर में कुछ दिन पहले बेटी की कामयाबी का जश्न मनाया जा रहा था, जिस पिता की आंखों में अपनी लाडली के सुनहरे भविष्य के सपने थे वहां आज सिर्फ चीखें हैं, मातम है और कभी न खत्म होने वाला दर्द है। बरेली के राजेंद्र नगर के रहने वाले खंडेलवाल परिवार को क्या पता था कि उनका यह सफर आखिरी सफर बन जाएगा।
12 जुलाई को सरकारी ठेकेदार कपिल खंडेलवाल अपने पूरे परिवार के साथ बरेली से हरिद्वार के लिए निकले थे। हरिद्वार में दर्शन करने के बाद, उसी रात पूरा परिवार वापस बरेली के लिए रवाना हुआ।
सफर लंबा था, इसलिए रामपुर हाईवे पर बने एक पेट्रोल पंप पर पूरे परिवार ने कुछ देर आराम किया। थकान मिटाने के बाद जब सब दोबारा बरेली की तरफ बढ़े, तो सुबह के करीब 3 बज रहे थे। बाइक पर पिता कपिल खंडेलवाल, उनका 11 साल का बेटा और छोटी बेटी दिव्यांशी चल रहे थे। वहीं स्कूटी पर 50 वर्षीय मां तृप्ति खंडेलवाल और उनकी 19 साल की बेटी श्रीयांशी सवार थीं।
घर अब ज्यादा दूर नहीं था लेकिन मिलक से ठीक पहले, हसनपुर पट्टी के पास सुबह 3 बजे वो खौफनाक हादसा हुआ जिसने पूरे परिवार को उजाड़ कर रख दिया। स्कूटी पर सवार मां-बेटी एक भीषण दुर्घटना का शिकार हो गईं।
हादसा इतना जोरदार था कि 50 साल की तृप्ति खंडेलवाल की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। वहीं, उनकी 19 साल की बेटी श्रीयांशी गंभीर रूप से घायल हो गई। आनन-फानन में श्रीयांशी को अस्पताल ले जाया गया, डॉक्टरों ने उसे बचाने की पूरी कोशिश की लेकिन इलाज के दौरान इस मासूम ने भी दम तोड़ दिया।
इस हादसे ने सिर्फ दो जानें नहीं लीं, बल्कि कई सपनों को भी हमेशा के लिए दफन कर दिया। 19 साल की श्रीयांशी खंडेलवाल ने इसी साल 2026 में सेंट फ्रांसिस स्कूल से 12वीं कक्षा पास की थी। अभी कुछ ही दिन पहले उसने CUET का एग्जाम भी पास किया था। वो आगे बढ़ने के लिए तैयार थी, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।
राजेंद्र नगर के इस घर में आज सन्नाटा पसरा है। पिता कपिल खंडेलवाल और उनके दोनों छोटे बच्चे गहरे सदमे में हैं। एक हंसता-खेलता परिवार हाईवे की इस बेरहम दुर्घटना की भेंट चढ़ गया।






