बरेली स्मैक तस्करों की गिरफ्तारी के लिए उधमसिंह नगर पुलिस की फतेहगंज पश्चिमी के गांव अगरास में असफल कार्रवाई अब खुद उसके गले की हड्डी बनती दिखाई दे रही है। गांव की अलग-अलग महिलाओं की ओर से थाना फतेहगंज पश्चिमी में उसके खिलाफ नौ तहरीर दी गई हैं। इनमें घरों में तोड़फोड़ और महिलाओं से बदसलूकी जैसे आरोप लगाए गए हैं। एसएसपी ने प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए फिलहाल सीओ हाईवे को जांच का निर्देश दिया है।
उधमसिंह नगर के एसएसपी मणिकांत मिश्रा के नेतृत्व में रविवार देर रात 70 गाड़ियों से पहुंचे 300 पुलिसकर्मियों ने पहले फतेहगंज पश्चिमी के कुछ इलाकों और फिर कस्बे से सटे गांव अगरास में दबिश दी थी। आरोप है कि पूरे गांव की घेराबंदी कर पुलिस दर्जनों घरों में जबरन घुसी। इस दौरान मुस्लिम समुदाय के लोग घरों में सहरी की तैयारी कर रहे थे। उधमसिंह नगर पुलिस ने 16 लोगों को उठा ले गई लेकिन उनसे न तो स्मैक बरामद हुई न ही उनके खिलाफ कोई पुराना मामला निकला। इसके बाद 15 लोगों को सोमवार को छोड़ दिया गया था। एकमात्र जिस व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया, उसके खिलाफ भी कोई गंभीर मामला नहीं निकला।
मंगलवार को अगरास गांव के नौ लोगो ने थाना फतेहगंज पश्चिमी में उधमसिंहनगर पुलिस के खिलाफ तहरीर दी। महिलाओं का आरोप है कि सहरी के वक्त लोग घरों में खा-पी रहे थे, तभी एक साथ पहुंचे सैकड़ों पुलिसकर्मी मोहल्ले में पहुंच गए। घरों के दरवाजे पीटे जाने लगे। कुछ घरों में लोगों ने दरवाजे खोले तो कुछ में दरवाजे तोड़कर उत्तराखंड पुलिस जबरन घुस गई। महिलाओं से बदसलूकी करते हुए घरों की तलाशी ली और जो भी पुरुष मिला, उसे अपनी गाड़ियों में डाल लिया। इस दौरान जमकर तोड़फोड़ भी की गई।
उधमसिंह नगर पुलिस के फतेहगंज पश्चिमी में बड़े पैमाने पर दबिश से पहले बरेली पुलिस को कोई सूचना न देने से जिले के पुलिस अधिकारियों में भी इस कार्रवाई पर भारी नाराजगी है। इतनी बड़ी दबिश के बाद भी कुछ भी हाथ न लगने से उधमसिंह नगर पुलिस की भारी फजीहत तो हुई ही, अब उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज होने की भी नौबत है। दिलचस्प यह है कि उधमसिंह नगर पुलिस ने अपने थाने पुलभट्टा की पुलिस के हाथों गिरफ्तार एक स्मैक तस्कर से मिले इनपुट पर इतनी बड़ी कार्रवाई कर डाली। अब इस पर उसे कुछ सफाई देते भी नहीं बन रहा है।
वरिष्ठ पुलिस अनुराग आर्य ने बताया कि अधीक्षक उत्तराखंड पुलिस पर तोड़फोड़ और बदसलूकी के आरोप लगाते हुए फतेहगंज पश्चिमी थाने में नौ शिकायतें दी गई हैं। प्रकरण की गंभीरता देखते हुए मामले की जांच सीओ हाईवे को सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी।




