काशीपुर। काशीपुर बाईपास मार्ग के चौड़ीकरण की प्रक्रिया तेज हो गई है। प्रशासन ने प्रभावित व्यापारियों को दुकानें हटाने के लिए समय-सीमा निर्धारित कर दी है। इसी बीच महापौर विकास शर्मा ने प्रभावित व्यापारियों के पुनर्वास के लिए प्रस्तावित भूमि का अधिकारियों के साथ निरीक्षण किया और बहुमंजिला व्यावसायिक परिसर बनाने की योजना को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।
बुधवार को महापौर ने अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय, मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शाशनी, उप जिलाधिकारी मनीष कुमार तथा अन्य अधिकारियों के साथ इंडेन गैस एजेंसी के निकट प्रस्तावित भूमि का निरीक्षण किया। साथ ही गैस एजेंसी के संभावित स्थानांतरण के लिए खानपुर और फुलसुंगा क्षेत्र में भी भूमि का सर्वे किया गया।
महापौर विकास शर्मा ने कहा कि नगर निगम और जिला प्रशासन की प्राथमिकता सड़क चौड़ीकरण के साथ-साथ प्रभावित व्यापारियों का सम्मानजनक पुनर्वास सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यापारी को बिना वैकल्पिक व्यवस्था के अपना कारोबार बंद नहीं करना पड़ेगा और सभी प्रभावितों के लिए उचित व्यवस्था की जाएगी।
वहीं, व्यापार मंडल अध्यक्ष संजय जुनेजा ने प्रशासन की कार्रवाई पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि त्योहारों के समय इस तरह की कार्रवाई उचित नहीं है और इससे व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। उन्होंने महापौर के दावों पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि जनता और व्यापारियों को गुमराह किया जा रहा है।
गौरतलब है कि काशीपुर बाईपास मार्ग शहर के सबसे व्यस्त मार्गों में शामिल है। लंबे समय से सड़क चौड़ीकरण की मांग की जा रही थी। परियोजना के लिए शासन से बजट स्वीकृत हो चुका है और अब कार्य शुरू करने की तैयारी अंतिम चरण में है। चौड़ीकरण की जद में नगर निगम की 28 दुकानों सहित कई निजी प्रतिष्ठान भी आ रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि सड़क चौड़ीकरण और पुनर्वास की प्रक्रिया साथ-साथ पूरी की जाएगी, जबकि व्यापारी पहले पुनर्वास और बाद में कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं।






