बरेली,दहेज में स्कॉर्पियो या सफारी कार अथवा 25 लाख रुपये की मांग पूरी न होने पर विवाहिता को प्रताड़ित कर घर से निकालने का मामला सामने आया है। आरोप है कि महिला पर ईसाई धर्म अपनाने का दबाव भी बनाया गया। उसके इनकार करने पर ससुराल वालों ने उसे घर से निकाल दिया। महिला के पिता की शिकायत पर बारादरी थाना पुलिस ने पति, सास समेत आठ लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायत में ससुराल पक्ष पर अन्य हिंदू लोगों को बहलाकर ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित करने का आरोप भी लगाया गया है।
बाग अहमद अली चौराहा निवासी सतीश चंद्रा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वर्ष 2024 में उनकी रिश्तेदार हंसो देवी निवासी महानगर कॉलोनी ने अपनी बेटी शोभना के लिए नहीं, बल्कि अपने बेटे मोहित के लिए उनकी बेटी का रिश्ता मांगा था। दोनों पक्षों की सहमति से शादी की तारीख 19 अप्रैल 2024 तय हुई थी।
आरोप है कि विवाह से करीब एक महीने पहले हंसो देवी और उनके परिवार ने बताया कि वे ईसाई धर्म अपना चुके हैं और शादी ईसाई रीति-रिवाज से करनी होगी। इस पर सतीश चंद्रा ने आपत्ति जताई तो परिवार ने शादी से इनकार कर दिया। शिकायत के मुताबिक, रोका होने, पांच लाख रुपये नकद दिए जाने और शादी की तैयारियां पूरी होने के कारण उन्हें मजबूरी में विवाह के लिए सहमत होना पड़ा।
इसके बाद शोभना की शादी फ्लोरा गार्डन में ईसाई रीति-रिवाज से हुई। पिता का दावा है कि उन्होंने विवाह में करीब 50 लाख रुपये खर्च किए। इसमें कार, पांच लाख रुपये नकद और अन्य सामान दिया गया।


