रुद्रपुर । एसआइटी मतांतरण के मास्टर माइंड की गर्दन तक पहुंचने के प्रयास में लगी है। इसके लिए मतांतरण करने के लिए लोगों को दी गई धनराशि के ट्रांजक्शन पर एसआइटी ने स्ट्राइक कर दी है। इसके लिए दोनों ही पक्षों के बैंक खातों की जानकारी जुटा उसके स्त्रोत खंगाले जा रहे हैं।
हालांकि कुछ ट्रांजक्शन नकद भी किए गए हैं। इसके प्रमाण मिलने पर उसकी पुष्टि के लिए जेल गए आरोपितों की पुलिस कस्टडी रिमांड की संभावनाओं से भी इंकार नहीं किया जा सकता है। एसआइटी गहनता के साथ इसकी जांच कर तह तक जाने के प्रयास में जुटी है।
आईटीबीटी में तैनात महिला जवान का कराया धर्म परिवर्तन
वर्षों से चल रहे मतांतरण के मामले में उस समय भूचाल आ गया जब खटीमा निवासी आईटीबीटी में तैनात महिला जवान ने अपने पति पर उस पर जबरन मतांतरण का दबाव बनाने के साथ उसके डयूटी पर रहने के दौरान स्वयं का धर्म परिवर्तन करवाने के साथ ही उसके बच्चों का भी धर्म परिवर्तन करवा दिया।
पुलिस ने खटीमा में प्राथमिकी पंजीकृत करने के बाद महिला जवान के साथ ही एक अन्य मामले में मतांतरण के चार आरोपितों दान सिंह, सुनील जार्ज पास्टर उर्फ सुनील जार्ज मसीह, जय सिंह व उसकी पत्नी द्रोपदी राणा को गिरफ्तार कर बुधवार को जेल भेज दिया था। पुलिस इस मामले में दो अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी का भी प्रयास कर रही है।
पकड़े गए आरोपितों से मतांतरण के लिए नकदी उपलब्ध करवाने के साथ ही प्रतिमाह धनराशि दिए जाने की पुष्टि के उपरांत पुलिस मतांतरण के लिए की जा रही फंडिंग को डिकोड करने में जुट गई है। पुलिस ने मतांतरण करवाने वालों के साथ मतांतरण कर ईसाई धर्म अपनाने वाले लोगों के बैंक खातों की जानकारी ले उसे खंगालना प्रारंभ कर दिया है। हालांकि जांच में पैसा नकद रूप में भी दिए जाने की बात सामने आई है। प्रारंभिक जांच में एसआइटी को महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले हैं।



