रुद्रपुर :- कांग्रेसी खेमे में हलचल और राजनीतिक भूचाल आ गया। जब कांग्रेस पार्टी से खफा कांग्रेस की प्रदेश उपाध्यक्ष और पूर्व पालिकाध्यक्ष ने देहरादून जाकर भाजपा की सदस्यता ले डाली। मामला तब ज्यादा बिगाड़ा,जब पूर्व विधायक की एक ऑडियो वायरल हुई थी। जिसमें वह मीना शर्मा के खिलाफ अमर्यादित भाषा का प्रयोग करते हुए दिखाई दे रहा थे। बावजूद इसके कांग्रेस ने ठुकराल को पार्टी में शामिल किया और मीना कांग्रेस से भी खफा हो गई। राजनीतिक उठापठक के बाद आखिरकार मीना ने भाजपा में जाने का फैसला लिया और कांग्रेस को झटका दे डाला। बताते चले कि पिछले कई वर्षो से कांग्रेस पार्टी में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने वाली पूर्व पालिकाध्यक्ष मी ना शर्मा कई बडे पदों पर रही। वर्तमान में महिला कांग्रेस की प्रदेश उपाध्यक्ष और हरिद्वार विधानसभा की प्र भारी पद की जिम्मेदारी संभाल रही मीना ने शनिवार की दोपहर को कांग्रेस को तगड़ा झटका दे डाला। आखिरकार मीना कांग्रेस पार्टी से क्यों खफा थी। इसका कारण पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल है,क्योकि पि छले कुछ साल पहले सोशल मीडिया पर एक ऑडियो वायरल होती है। ठुकराल की आवाज जैसी ऑडियो में कांग्रेस नेत्री के खिलाफ अपशब्दों और अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया जा रहा था। मामले को लेकर मी ना शर्मा और राजकुमार ठुकराल में जुबानी जंग शुरू हुई। तो मीना ने तहरीर देकर मुकदमा दर्ज करा दिया और कार्रवाई का मुददा उठाती रही। अभी मीना का गुस्सा शांत भी नहीं हुआ था कि दो माह पहले कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी शैलजा भट्ट ने बड़े नेताओं की मौजूदगी में दिल्ली बुलाकर ठुकराल को पार्टी की सदस्यता दिला डाली। बस क्या था कांग्रेस नेत्री का सब्र टूटा और जमकर ठुकराल व कांग्रेस पर भी भडास निकाल नी शुरू कर दी। शनिवार की दोपहर को उस वक्त हलचल मचाने देने वाला राजनीतिक भूचाल आया। जब गोपनीय ढंग से मीना शर्मा स्थानीय विधायक शिव अरोरा के साथ देहरादून स्थित भाजपा कार्यालय जाती है और प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट की मौजूदगी में मीना को पार्टी की सदस्यता दिलाई जाती है। सोशल मीडिया पर खबर प्रसारित होते ही कांग्रेस खेमे में हड़कंप मच गया और शहर की राजनीति में एक बार फिर भूचाल आ गया। चारों ओर ठुकराल व मीना के विवाद की चर्चाएं होने लगी। अब मीना का यह दांव कांग्रेस को नुकसान या फिर भाजपा को कितना फायदा पहुंचाएंगा। यह आने वाला वक्त ही बताएंगा।
खफा मीना दे चुकी थी इस्तीफा
रुद्रपुर। ऑडियो प्रकरण सामने आने के बाद से ही कांग्रेस नेत्री ठुकराल के कांग्रेस जॉइनिंग करने के बाद भी पार्टी हाईकमान से ठुकराल को विधायकी का टिकट नहीं देने और जॉइनिंग कराने पर पुनर्विचार का मुददा उठाती रही। ऐसा कोई दरबार नहीं था। जहां मीना ने अपनी गुहार नहीं लगाई थी,लेकिन पार्टी हाईकमान ने मीना की हर गुहार को ठुकरा दिया था। बस क्या खफा मीना ने सार्वजनिक मंच पर आकर कांग्रेस पार्टी की सदस्यता,महिला कांग्रेस की प्रदेश उपाध्यक्ष और हरिद्वार विधानसभा प्रभारी पद से इस्तीफा दे दिया था और इसकी जानकारी पार्टी हाईकमान को दे डाली थी। साथ ही कांग्रेस के किसी भी कार्यक्रम में नहीं जाने का ऐलान मीना कर चुकी थी। खासतौर पर ठुकराल के साथ मंच साझा करना मीना को पहला क दम था।




