बरेली। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के आह्वान पर निकली ‘सिख सामाजिक न्याय यात्रा’ का आज बरेली पहुँचने पर भव्य स्वागत हुआ। सपा के राष्ट्रीय सचिव कुलदीप सिंह भुल्लर ने पार्टी कार्यालय पर प्रेस वार्ता के दौरान भाजपा सरकार पर तीखे प्रहार किए और सिख समाज की अनदेखी का गंभीर आरोप लगाया।
कुलदीप सिंह भुल्लर ने कहा कि पिछले 10 सालों में सिख समाज ने खुद को ठगा हुआ महसूस किया है। उन्होंने कहा, “भाजपा केवल नफरत की राजनीति कर रही है। सिखों को गलत इतिहास पढ़ाया जा रहा है। गुरु साहिबान का इस्लाम के साथ गहरा रिश्ता रहा है। गनी खां और नबी खां की कुर्बानी को सिख समाज कभी नहीं भूल सकता,
जिन्होंने गुरु गोविंद सिंह की जान बचाने के लिए अपने प्राणों की परवाह नहीं की। भाजपा केवल विभाजन पैदा करना चाहती है।
भुल्लर ने जमीनी मुद्दों पर सरकार को घेरते हुए कहा कि आज लखीमपुर और पीलीभीत में सिखों की हजारों एकड़ जमीन पर तलवार लटकी है। कैबिनेट में मालिकाना हक देने का वादा सिर्फ ‘खोदा पहाड़ निकली चुहिया’ साबित हुआ। उन्होंने कहा कि 70 सालों से उत्तर प्रदेश के विकास में योगदान देने वाले सिखों को आज उनकी ही जमीन से बेदखल करने की साजिश रची जा रही है।
हरिद्वार की ज्ञान गोदड़ी गुरुद्वारे का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। भुल्लर ने कहा कि उत्तराखंड हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद सरकार ने कमेटी बनाकर गुरुद्वारे के मुद्दे को ठंडे बस्ते में डाल दिया है। एक तरफ गुरुओं की तारीफ का ढोंग किया जाता है और दूसरी तरफ उनके पवित्र स्थानों पर कब्जा बरकरार है। उन्होंने याद दिलाया कि सपा सरकार में सिखों को कैबिनेट और राज्य मंत्रियों के रूप में उचित सम्मान मिला था, जबकि भाजपा ने केवल एक राज्य मंत्री बनाकर समाज को शक्तिहीन कर दिया है।
आगामी रणनीतियों पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि 6 जून को लखनऊ में होने वाला ‘सिख सम्मेलन’ निर्णायक होगा। उन्होंने दावा किया कि 2027 के चुनाव में सिख समाज 50 से ज्यादा सीटों पर जीत-हार तय करने की ताकत रखता है और उत्तर प्रदेश में सपा की सरकार बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।
महंगाई, खाद और महिला सुरक्षा पर घेरा
भुल्लर ने जनता की समस्याओं का जिक्र करते हुए कहा कि किसान खाद के लिए और आम आदमी सिलेंडर के लिए लाइनों में लगा है। उन्होंने बंगाल चुनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि भाजपा हार के डर से पंचायत चुनाव टाल रही है और एग्जिट पोल के जरिए गुमराह करने की कोशिश कर रही है। महिला आरक्षण बिल पर उन्होंने कहा कि सपा ने हमेशा महिलाओं का सम्मान किया है, जबकि भाजपा के राज में महिलाएं असुरक्षित हैं।




