रुद्रपुर : पुलिस लाइन में उस वक्त अफरातफरी मच गई। जब माल मुकदमा और सीज हुए वाहनों के ढेर में आग धधक उठी और देखते ही देखते आग की लपटे आसमान छूने लगी। जिसे देखकर पुलिस लाइन के अधिकारी-कर्मी घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े और आग बुझाने का प्रयास करने लगे, लेकिन आग इतनी विकराल हो चुकी थी कि आखिरकार फायर बिग्रेड की गाड़ी मौके पर आई और आग पर काबू पाया गया। लेकिन तब तक दर्जनों सीज व माल मुकदमा बाइक जलकर स्वाहा हो चुकी थी।
यहां बता दें कि यातायात हो या फिर सीपीयू के साथ ही पुलिस विभाग अक्सर माल मुकदमा वाहन या फिर चेकिंग के दौरान सीज किये वाहनों को पुलिस लाइन स्थित खाली पड़े मैदान में बाइक हो या फिर चार पहिया वाहनों को खड़ा कर देता है। उसकी निगरानी के लिए हमेशा एक सिपाही की तैनाती रहती है। इसके अलावा चारदीवारी के अंदर किसी भी बाहरी व्यक्ति का प्रवेश निषेध होता है। शनिवार की दोपहर को सब कुछ सामान्य था।
अचानक माल मुकदमा और सीज वाहनों के ढेर में आग लगी और देखते ही देखते आग की लपटें आसमान छूने लगी। जिसे देखकर प्रतिसार निरीक्षक गजेंद्र परवाल सहित पुलिस कर्मी घटना स्थल की ओर दौड़ पड़े और खुद ही आग बुझाने का प्रयास करने लगे। विफल होने पर फौरन फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई और दमकल कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। अग्निकांड में खड़े पुलिस अधिकृत 100 से अधिक बाइक जलकर स्वाहा हो गई। अब सवाल यह उठता है कि क्या अग्निकांड महज एक हादसा है या फिर तैनात पुलिसकर्मियों की लापरवाही या किसी की शरारत का परिणाम है। जिसको लेकर अग्निशमन और पुलिस विभाग ने अपने-अपने स्तर पर तफ्तीश शुरू कर दी है।



