रुद्रपुर । जनपद ऊधमसिंह नगर में कोविड काल के दौरान इलाज में लापरवाही पर दो चिकित्सकों के खिलाफ एसएसपी मंजूनाथ टीसी के निर्देश पर पंतनगर थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। इस मामले में जसपुर के एक युवक ने तीन वर्ष पूर्व कोविड काल के दौरान उसके पिता के इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए रुद्रपुर और काशीपुर के कोविड प्रभारियों के खिलाफ तहरीर सौंपी थी। एसएसपी के निर्देश पर पंतनगर थाने में आरोपी कोविड प्रभारी डॉ- गौरव अग्रवाल और डॉ- प्रमेंद्र तिवारी पर आईपीसी की धारा 304 ए के तहत केस दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
मोहल्ला छिपियान पूर्वी जसपुर निवासी सतीश कुमार का कहना है कि उसके पिता हंसराज अरोरा की 22 जुलाई 2020 को कोरोना की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। स्वास्थ्य विभाग जसपुर ने उन्हें कोविड केयर सेंटर काशीपुर में भर्ती किया था। कोविड प्रभारी डॉ प्रमेंद्र तिवारी ने शासनादेश का हवाला देकर सतीश को मरीज के साथ रहने से मना कर कहा कि उन्हें बुखार है और कोई भी डॉक्टर देखने नहीं आया है। डॉ- प्रमेंद्र से बात की तो उन्होंने मरीज का ऑक्सीजन लेवल 92 प्रतिशत बताकर मरीज को जिला चिकित्सालय रुद्रपुर भेजने की बात कही। सतीश का कहना है कि रुद्रपुर में पिता का इलाज कोविड प्रभारी डॉ- गौरव ने किया। उन्होंने आश्वासन दिया कि उसके पिता शीघ्र स्वस्थ हो जाएंगे। निवेदन पर भी पिता से मिलने नहीं दिया गया। आरोप है कि मरीज को निजी अस्पताल में रेफर करने के लिए डॉ- गौरव ने दोबारा कोरोना जांच कराने का नियम नहीं होने का बहाना किया। पांच अगस्त 2020 को वार्ड में भर्ती किसी अन्य मरीज के रिश्तेदार ने फोन करके बताया कि आपके पिता बाथरूम में गिर गए थे। उच्चाधिकारियों से संपर्क करके अपने पिता को गुरुग्राम के लिए रेफर करवाया। आरोप है कि डॉ- गौरव ने इलाज संबंधी दस्तावेज देने से मना कर दिया। इधर, गुरुग्राम के अस्पताल के डॉक्टर ने बताया कि पिता की किडनी और हार्ट सही इलाज ना मिलने के कारण बहुत खराब हो चुका है। सात अगस्त 2021 को इलाज के दौरान पिता की मौत हो गई। सतीश का कहना है कि विभाग के उच्चाधिकारियों को जांच के लिए प्रार्थना पत्र सहित रुद्रपुर कोतवाली में तहरीर दी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। एसएसपी के निर्देश पर पंतनगर थाना पुलिस ने दोनों चिकित्सकों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।




